Blog Home

Welcome to my new Poetry blog

  • Welcome to My New Poetry Blog

    जून 27, 2019 by

    Be yourself; Everyone else is already taken. — Oscar Wilde. This is the first post on my new blog. I’m just getting this new blog going, so stay tuned for more. Subscribe below to get notified when I post new updates. Advertisements

  • कविवार (My Sunday Poetry)

    अगस्त 18, 2019 by

    कच्चा मकान था तो इत्मीनान था पक्के मकानों में थोड़ी नींद कम आती है इन कमरों में उजाले की यूँ तो कमी नहीं है बस कुछ चाँद कम दिखता है,थोड़ी धूप कम आती है। बारिशों से बचने को एक छत क्या ढाला हमने कई दिन बीते मगर बारिश में भींग ही न पाएँ हम दिन… और पढ़े

  • कविवार (My Sunday Poetry)

    अगस्त 11, 2019 by

    जन्नत के बरसों की मन्नत आज हो गयी है पूरी अब हिमालय की वादी कुछ साँस अधिक लेगी रावी के जल में भी एक आदिम-सी हलचल है ये जो नक्शे हैं कागज के,उनकी सूरत बदलेगी। आखिर ये धारा कैसी धारा है जिसने अपना ही घर बिगाड़ा है कोई संधि, कोई कानून नहीं जो हमारा था,… और पढ़े

View all posts

Follow My Blog

Get new content delivered directly to your inbox.

Create your website at WordPress.com
Get started