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Welcome to my new Poetry blog

  • Welcome to My New Poetry Blog

    जून 27, 2019 by

    Be yourself; Everyone else is already taken. — Oscar Wilde. This is the first post on my new blog. I’m just getting this new blog going, so stay tuned for more. Subscribe below to get notified when I post new updates.

  • कविवार (My Sunday Poetry)

    मई 30, 2020 by

    वे इसी शहर में रहते हैं, मगर हमसे मिला नहीं करते ! यूँ तो हम इन बातों का कभी किसी से गिला नहीं करतेमगर वे इसी शहर में रहते हैं और हमसे मिला नहीं करते! लोगों से सुना है वे हमसे नाराज रहते हैं बहुत ही ज्यादालेकिन इस नाराजगी का वे हमको ही इत्तला नहीं… और पढ़े

  • कविवार (My Sunday Poetry)

    मई 23, 2020 by

    आँखें वही रहती हैं, बस स्वप्न सलोने बड़े हो जाते हैंहम बड़े नहीं होते हैं, हमारे खिलौने बड़े हो जाते हैं। गुड्डे-गुड़ियों का जब खेल गयातब हम बस्ते-किताबें थाम चलेफिर रूप-लवण की प्यास जगीफिर धन-दौलत के अरमान पले मन में इच्छाएँ भर लेने के बस कोने बड़े हो जाते हैंहम बड़े नहीं होते हैं, हमारे… और पढ़े

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